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गत्ता (Cardboard) Rate — भाव और कटौती की समझ
गत्ता हल्का दिखता है, पर बड़ी मात्रा में इसकी कमाई भारी है — बशर्ते नमी और मिलावट पर नज़र हो।
संक्षेप में: आज गत्ते का Rate क्या है?
गत्ते का भाव किस्म (OCC, डुप्लेक्स, मिक्स), नमी और शहर के हिसाब से अलग होता है और पेपर मिल की माँग से रोज़ बदलता है। All Pricess की WhatsApp सेवा पर रोज़ का गत्ता Rate आता है।
गत्ता कहाँ जाता है
दुकानों, गोदामों, फैक्ट्रियों और ई-कॉमर्स के डिब्बों से निकला गत्ता कबाड़ी से होकर बड़े गोदाम तक और वहाँ से पेपर मिल तक पहुँचता है। मिल इसे गलाकर दोबारा क्राफ़्ट पेपर और नया गत्ता बनाती है। इसलिए गत्ते का भाव आख़िर में पेपर मिल की माँग से तय होता है।
गत्ते की मुख्य किस्में
- OCC (Old Corrugated Cardboard): लहरदार परत वाले भूरे डिब्बे — बाज़ार का सबसे बड़ा माल।
- नया कटिंग गत्ता: डिब्बा बनाने वाली फैक्ट्री की कतरन — साफ़ होने से अच्छा भाव।
- डुप्लेक्स / ग्रे बोर्ड: मिठाई, दवा और जूते के पतले डिब्बे — OCC से अलग बिकता है।
- मिक्स गत्ता: सब मिला हुआ — सबसे कम भाव।
भाव किन बातों पर टिका है
- नमी: बारिश में भीगा या ज़मीन पर पड़ा गत्ता पानी पीकर भारी हो जाता है। मिल नमी के हिसाब से वज़न में कटौती करती है — यही सबसे बड़ा झगड़ा होता है।
- मिलावट: टेप, प्लास्टिक की परत, थर्मोकोल, मोम वाला गत्ता और कचरा — सब पर कटौती।
- मौसम और त्योहार: त्योहारों से पहले पैकिंग की माँग बढ़ती है, तो मिलें ज़्यादा गत्ता ख़रीदती हैं।
- आयात: जब विदेश से सस्ता OCC आता है, तो देसी गत्ते का भाव दबता है।
गत्ता बेचने का सही तरीक़ा
- गत्ता हमेशा ढककर और ज़मीन से ऊपर रखिए — नमी सबसे बड़ा नुक़सान है।
- डिब्बे खोलकर चपटा कीजिए और गठरी बाँधिए — ढुलाई में जगह और पैसा दोनों बचते हैं।
- OCC, डुप्लेक्स और मिक्स अलग रखिए।
- टेप और प्लास्टिक हटाइए; मोम या प्लास्टिक-कोटेड गत्ता अलग कर दीजिए।
- कटौती का प्रतिशत सौदे से पहले तय कीजिए, गाड़ी भरने के बाद नहीं।
All Pricess पर गत्ते का Rate
All Pricess के रोज़ के अपडेट में Gatta और Newspaper के Rate Metal के साथ ही आते हैं। ऐप के Online Wholesale KabadiWala में भी गत्ते (OCC) का किलो-भाव देखा जा सकता है। WhatsApp सेवा के बारे में पढ़िए।