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रद्दी पेपर Rate — किस रद्दी का क्या भाव
घर की रद्दी हो या ऑफ़िस-स्कूल का बड़ा माल — छँटाई से भाव बदल जाता है।
संक्षेप में: आज रद्दी का Rate क्या है?
रद्दी का भाव प्रकार (अख़बार, कॉपी-किताब, मिक्स) और शहर के हिसाब से अलग होता है और पेपर मिल की माँग से बदलता है। All Pricess की WhatsApp सेवा पर रोज़ का Newspaper/रद्दी Rate आता है।
रद्दी के मुख्य प्रकार
| प्रकार | क्या आता है | भाव का रुख़ |
|---|---|---|
| अख़बार (Newspaper) | रोज़ के अख़बार | स्थिर माँग, अच्छा भाव |
| सफ़ेद कॉपी-किताब (White Record) | लिखी हुई कॉपियाँ, ऑफ़िस पेपर, सफ़ेद काग़ज़ | सबसे ऊँचे भावों में |
| किताब / मैगज़ीन | चमकदार पन्नों वाली किताबें-पत्रिकाएँ | चमक (कोटिंग) की वजह से कम |
| मिक्स रद्दी | सब मिला हुआ, पर्चे, लिफ़ाफ़े | सबसे कम |
भाव अलग क्यों होता है
पेपर मिल हर काग़ज़ से अलग चीज़ बनाती है। सफ़ेद काग़ज़ से फिर से अच्छा सफ़ेद काग़ज़ बनता है, इसलिए उसका भाव ऊँचा है। अख़बार की स्याही और मैगज़ीन की चमकदार परत को साफ़ करने में ख़र्च आता है, और मिक्स रद्दी से सिर्फ़ सस्ता गत्ता-काग़ज़ बनता है। यही फ़र्क़ आपके भाव में दिखता है।
रद्दी बेचते समय ध्यान रखें
- अलग-अलग बाँधिए: अख़बार, कॉपी-किताब और मिक्स रद्दी के अलग बंडल।
- सूखी रखिए: भीगी रद्दी पर कटौती लगती है।
- प्लास्टिक हटाइए: पन्नी, बाइंडिंग की प्लास्टिक और स्पाइरल अलग कर दीजिए।
- तौल सामने करवाइए: इलेक्ट्रॉनिक काँटा सबसे भरोसेमंद है।
- भाव पहले जानिए: आज का Rate पता हो तो मोलभाव मज़बूत रहता है।
व्यापारियों के लिए
जो कबाड़ी भाई रोज़ घर-घर से रद्दी उठाते हैं, उनके लिए सबसे बड़ा फ़ायदा है गोदाम पर छँटाई और बड़े ख़रीदार तक सीधी पहुँच। All Pricess के रोज़ के अपडेट में Newspaper और Gatta का Rate आता है, और Buyer List से आप पेपर के बड़े ख़रीदारों तक पहुँच सकते हैं।