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LME और MCX Rate — International भाव की समझ

तांबे-एल्युमिनियम का भाव लंदन और मुंबई की स्क्रीन पर बनता है — और वहीं से मंडी तक पहुँचता है।

All Pricess टीम · 49+ साल का स्क्रैप एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट अनुभव · अपडेट: 29 अक्टूबर 2026

आज का भाव जानना है? यह पेज भाव तय होने का तरीक़ा समझाता है। रोज़ का ताज़ा रेट और Advance Prediction All Pricess WhatsApp सेवा पर आता है — या All Pricess ऐप में देखिए।

LME क्या है

LME (London Metal Exchange) दुनिया का सबसे बड़ा बेस-मेटल एक्सचेंज है। यहाँ कॉपर, एल्युमिनियम, ज़िंक, लेड, निकल और टिन का भाव अमेरिकी डॉलर प्रति टन में बनता है। दुनिया भर के बड़े सौदे इसी भाव को आधार मानकर होते हैं।

MCX क्या है

MCX (Multi Commodity Exchange of India) भारत का कमोडिटी एक्सचेंज है। यहाँ कॉपर, एल्युमिनियम, ज़िंक और लेड जैसे मेटल का भाव रुपये प्रति किलो में चलता है। MCX का भाव LME की चाल और डॉलर-रुपये के भाव, दोनों को साथ लेकर चलता है।

स्क्रैप के भाव तक असर कैसे पहुँचता है

  1. LME पर कॉपर चढ़ा, तो MCX पर भी कॉपर का भाव ऊपर जाता है।
  2. डॉलर महँगा (रुपया कमज़ोर) हुआ, तो आयात महँगा होता है — देसी मेटल और स्क्रैप का भाव भी ऊपर।
  3. बड़े ख़रीदार (वायर, केबल, पाइप फैक्ट्रियाँ) अपने ख़रीद-भाव इसी हिसाब से बदलते हैं।
  4. आख़िर में मंडी और कबाड़ी तक तांबे-पीतल-एल्युमिनियम के स्क्रैप का भाव बदल जाता है।

इसीलिए अनुभवी व्यापारी कहते हैं — नॉन-फेरस (तांबा, पीतल, एल्युमिनियम) का भाव देखना हो तो पहले LME देखो। लोहे का भाव इससे ज़्यादा देसी मंडियों (इंगट) से चलता है।

किन बातों से LME हिलता है

  • चीन और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में माँग की ख़बरें
  • खदानों में उत्पादन रुकना या बढ़ना
  • गोदामों (वेयरहाउस) का स्टॉक घटना-बढ़ना
  • डॉलर की मज़बूती और ब्याज दर की ख़बरें

All Pricess पर International रेट

All Pricess ऐप में Domestic / International, MCX और LME के अलग टैब हैं, और International Rate सेवा से बड़ा सौदा करने वाले व्यापारी बाज़ार की चाल पर नज़र रखते हैं। ध्यान रहे — यह जानकारी है, निवेश सलाह नहीं।

❓ सवाल-जवाब

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

LME का पूरा नाम क्या है?+
LME का मतलब London Metal Exchange है — दुनिया का सबसे बड़ा बेस-मेटल एक्सचेंज, जहाँ कॉपर, एल्युमिनियम, ज़िंक, लेड, निकल और टिन का भाव डॉलर प्रति टन में बनता है।
MCX और LME में क्या फ़र्क़ है?+
LME लंदन का एक्सचेंज है जहाँ भाव डॉलर प्रति टन में होता है। MCX भारत का एक्सचेंज है जहाँ भाव रुपये प्रति किलो में होता है और वह LME की चाल व डॉलर-रुपये के भाव से जुड़ा रहता है।
LME बढ़ने से कबाड़ का भाव क्यों बढ़ता है?+
LME बढ़ने पर MCX और बड़ी फैक्ट्रियों का ख़रीद-भाव बढ़ता है, जिसका असर धीरे-धीरे मंडी और कबाड़ी तक तांबे, पीतल और एल्युमिनियम के स्क्रैप पर पड़ता है।
क्या LME देखकर सौदा करना सही है?+
LME दिशा बताता है, पर देसी भाव में माँग, ढुलाई और GST का भी असर होता है। इसलिए LME के साथ अपनी मंडी का भाव भी देखिए। यह जानकारी है, निवेश सलाह नहीं।
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